ध्यान रहे की आप मेहनत करते हो तो आपको संसाधन जैसे घर.गाड़ी,शिक्षा,दवाई आदि मिलते हैं पर अगर आपका समाज संगठित होकर मेहनत करता है तो आपकी मेहनत की सुरक्षा होती है और आपसे आपकी कमाई कोई नहीं छीन सकता कोई आपपर जुलम नहीं कर सकता| हम कितना ऊपर पहुचेंगे ये इस बात पर तय होती है की हमारा समाज कितना सशक्त है| आप खुद परखें आप अपने समाज के और सवर्णों के दसवी फेल की दशा आज देखो और फिर ५ साल बाद देखना , बहुत फर्क मिलेगा| कोई देवी देवता कोई धर्म हमारा भला नहीं कर सकता, अगर कर सकते तो दो हज़ार सालों तक हर जुल्म की आह में हमारे समाज ने इन्हीं देवी देवता और भगवानों को पुकारा पर डॉ आंबेडकर के आने तक कुछ न हुआ, जुल्म बदस्तूर चालू रहे|डॉ आंबेडकर सूत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संगर्ष करो” ही है जिससे हमारा भला हो पाया है और होता रहेगा|
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