OBC की जातियों का असली संवैधानिक जन्मदाता ''डॉ बाबासाहब अम्बेडकर'' की है !!आज तक ब्राह्मणों ने इस बात को छुपाये रख्खा ,पर मै आपलोगों को बताता हु ,और वो भी सबूत के साथ ,
1) 1928 में बोम्बे प्रान्त के गवर्नर ने स्टार्ट नाम के एक अधिकारी की अध्यक्षता में पिछड़ी जातियों के लिए एक कमिटी नियुक्त की थी ! इस कमिटी में ''डॉ. बाबा साहेब आम्बेडकर'' ने ''शुद्र वर्ण'' से जुडी जातियों के लिए " OTHER BACKWARD CASTE " शब्द का उपयोग सब से प्रथम किया था, इसी शब्द का शोर्टफॉर्म ओबीसी है, जिसकोसामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ी हुई जाति के रूप में आज हम पहेचानते है और उनको पिछड़ी जाति या ओबीसी कहते है.
2) स्टार्ट कमिटी के समक्ष अपनी बात रखते हुवे ''डॉ. बाबा साहेब आम्बेडकर'' ने देश की जनसंख्या को तीन भाग में बांटा था.
- - - -(1) अपरकास्ट(Upercast) जिसमे ब्राह्मण, क्षत्रिय-राजपूत और वैश्य जैसी उच्च वर्ण जातियां आती थी.
- - - -(2) बेकवर्ड र्कास्ट(Backward cast) जिसमे सबसे पिछड़ी और अछूत बनायीं गई जातियां और आदिवासी समुदाय की जातियां को समाविष्ट की गई थी.
- - - -(३) जो जातियां बेकवर्ड कास्ट और अपर कास्ट के बिच में आती थी ऐसी शुद्र वर्ण की मानी गई जातियो के लिए Other backward cast शब्द का प्रयोग किया गया था, जिसको शोर्टफॉर्म में हम ओबीसी कहते है.
3)आगे चलकर ''डॉ बाबासाहब अम्बेडकर'' ने ही भारत के संविधान में कांग्रेस और गांधी के विरोध के बावजूद ओबीसी को भारत के संविधान में जगह दी ,
और संविधान की कलम 340 के अनुसार राष्ट्रपति एक कमीशन नियुक्त करेंगे और कमीशन ओबीसी जातियों की पहेचान करके उनके विकास के लिए जो शिफारिशों करेगा उनको अमल में लाने की व्यवस्था की !!
.4) और संविधान की कलम 15-(4), 16(4) के अनुसार ओबीसी जातियों के सरकारी तन्त्र में पर्याप्त प्रतिनिधित्व के लिए सरकार उचित कदम उठाने की भी व्यवस्था बाबासाहब ने भारतीय संविधान में किया !!
लेकिन अफ़सोस शासन और प्रशासन में प्रभुत्व जमाये बैठे कांग्रेस बीजेपी के ब्रह्म्न्वादियो और जातिवादियो ने ओबीसी के लिए नियुक्त ''काका कालेलकर कमीशन रिपोर्ट1953-1955 के रिपोर्ट''' को संसद के समक्ष भी नहीं रखा और ''कालेलकर कमीशन रिपोर्ट'' को कभी भी मान्यता नहीं दी या लागु भी नहीं किया.
5)फिर मजबूरी में 1978 में केन्द्र सरकार ने ओबीसी के लिए दूसरा कमीशन बीपी मंडल की अध्यक्षता में नियुक्त किया. मंडल कमीशन रिपोर्ट-1980 को भी सत्ता मे प्रभुत्व जमाये बैठे ब्राह्मण और ब्राह्मणवादी लोगो ने लागु करने की जरुरत नहीं समझी और 1989 तक मंडल रिपोर्ट सचिवालय की अलमारी में धुल खाते रहा.
6)7 अगस्त 1990 के दिन केन्द्र सरकार ने मजबूरी में देश के 52 % ओबीसी समुदाय के लिए मंडल कमीशन की सिफ़ारीश अनुसार केन्द्रीय नौकरियों में सिर्फ 27 % ओबीसी आरक्षण लागु करने की घोषणा की, जिसके विरोध में ब्राह्मणों ने देशभर में ''मंडल आंदोलन'' प्रारंभ किया.और बाबरी मस्जिद किया देश में भयंकर दंगे करवाए ,जिसमे पिछड़ी जात के लोग भरी संख्या में मारे गए !!
7) मंडल कमिसन को घसीटकर ब्राह्मण कोर्ट ले गए जहा सुप्रीम कोर्ट में बैठे ब्राह्मणों ने ''क्रीमीलेयर '' का प्रावधान कर ओबीसी को मंडल कमिसन के लाफ से वंचित कर दिया !!
8)मंडल कमीशन की दूसरी सिफारिश शिक्षा मे 27 % आरक्षण देरी से 2006-7 मे लागु किया गया.
9) ओबीसी को रिजर्वेशन इन प्रमोसन आज भी लागू नहीं है !!
10) बाबासाहब अम्बेडकर ही भारतीय इतिहास का वो नेता है ,जिसने ओबीसी के रिजर्वेशन के लिए अपने केन्द्रीय मंत्री पद को लात मार दी थी !!
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