Monday, March 31, 2014

विश्व इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे लंबे समय तक चलने वाला घोटाला


भक्तों ने देवी-देवताओं के लिए जो माल चढ़ाया, अगर वह
देवी-देवताओं तक नहीं पहुंचा तो यह विश्व इतिहास का सबसे
बड़ा और सबसे लंबे समय तक चलने वाला घोटाला होगा.
पिछले 3500 सालों से लेकर आज की तारीख तक
का दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है: दान-दक्षिणा घोटाला.
भगवान का कहना है कि इतने सालों में हमारे द्वारा चढ़ाये गए
फल, दूध, चुनरी, नारियल, लंगोट, पैसा, चादर, गहने, सोना-
चांदी, तेल-तिल का दान तो क्या, एक
फूटी कौड़ी भी अभी तक उसके पास
नहीं पहुँची. भगवान
की स्थिति बहुत दयनीय है और उसने निर्णय लिया है
कि उसके नाम पर मंदिर के अंदर बैठकर उसकी दलाली और
कमीशन-एजेंटगिरीकरने वाले लोगों पर वो केस करेगा. मुझे
भगवान से पूरी सहानुभूति है.. प्रभु आप संघर्ष करो, हम
तुम्हारे साथ हैं !
जो लोग देवी देवाताओं में विश्वास रखते है, उनका यह
भी विश्वास है कि विश्व की निर्मिती देवी-देवाताओं ने
की है.
यानी धरती पर जो कुछ भी है उसे देवी-देवाताओं ने
बनाया है.
अगर यह सब चीजें देवी-देवाताओं ने ही मनुष्य और
प्राणी के लिए ही निस्वार्थ भाव से बनाया है,
तो भला मनुष्य देवी-देवाताओं की बनाई चीजें देवी-देवाताओं
को ही प्रसाद-भेंट के रूप में कैसे चढ़ा सकता है?
उन्हें उनकी बनाई हुई चीजें उन्हे ही वापस देकर उनसे अधिक
की मांग कैसे कर सकता है? जबकि उनके अनुसार इनमें से
एक भी चीज मनुष्य की पैदा की हुई नहीं है.
अजीब लॉजिक ह

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