..जोरदार जानकारी... " स्वतंत्र भारत के पहीले ही मतदान मे पत्थर व मिट्टी के
"भगवान" की हार और "मानवता" की जीत" व 100% सही
'भारतिय संविधान' की जीत अवश्य पढीये !
!!भारतिय संविधान के शिल्पकार
विश्वरत्न डॉ.बाबासाहाब आबेडकर !!
देश स्वतंत्र होने के बाद भारत का संविधान कोन बनायेंगा
इसकी खोज शुरू हुयी !
गांधी व पंडीत नेहरू ब्रिटीशो के पास गये और ब्रिटीशो से
कहा हमे भारत का संविधान बनाना है !
ब्रिटीशो ने कहा हम आपके देश का संविधान कैसे बना
सकते है इस देश मे अनेक जातीया है अनेक धर्म है
यदि कोई भारत का संविधान बना सकता है तो तुम्हारे देश
मे एक ही हिरा है और वो हिरा है
डॉ. बी.आर.आंबेडकर !
इसलिये कांग्रेस व गांधी को मजबुरन
डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर को संविधान समिती पर लेना
पडा !
इस कार्य के लिये सात सदस्य की समिती गठीत कि गयी !
1. सदस्य बिमार पड गया !
2. सदस्य विदेश चला गया !
3. सदस्य अपने खाजगी काम मे व्यस्त रहा !
4. सदस्य राजनिती मे व्यस्त रहा !
5. सदस्य की मृत्यृ हो गयी !
6. सदस्य को बाबासाहाब का असपृश्य होना गवारा नही
था !
7. अंत मे डॉ.बाबासाहाब आंबेडकर ने 21-21 घंटे अभ्यास
करके भारतीय संविधान का मसौदा तैयार किया !
आगे संविधान सभा मे प्रश्न चर्चासत्र के लिये आया !
भारतीय संविधान की शुरवात कैसे की जाय !
1. मौलाना हजरत मोहली उठ खडे हुये और बोले
भारतीय संविधान की शुरवात
" अल्लाह" के नाम से की जाय !
२.पंडीत मदन मोहन मालविय खडे हुये और बोले
"ओम नमो शिवाय " के नाम से की जाय !
3. एच.पी.कामत उठ खडे हुये और बोले
" ईश्वर" के नाम से की जाय !
4. डॉ.बाबासाहाब आंबेडकर उठ खडे हुये और बोले
भारतीय संविधान की शुरवात
"लोगो" के नाम से की जाय !
इस मुद्दे पर संसद मे मतदान हुआ
"68 मत लोगो" के नाम के लिये मिले !
और "41 मत भगवान (देवताओ) के नाम के लिये मिले !
और संविधान की शुरवात
" We the people of India "
" हम भारत के लोग "
ऐसे शुरू हुयी !
भारत के पहीले ही मतदान मे "पत्थर" के "भगवान" हार गये
और मानव
( लोग) जित गये !
डॉ बाबासाहाब आंबेडकर जित गये
आगे बाबासाहाब को ये समझ आया की आगे चलकर इस देश
का नाम
"हिन्दुस्थान" करेंगे इसलिये बाबासाहाब ने भारतीय
संविधान की कलम
"395 मे "A" के अनुसार अनुवाद किया
" India that is the "BHARAT"
" INDIA"
याने "भारत" ऐसे पुष्टी कर दी
"भगवान" की हार और "मानवता" की जीत" व 100% सही
'भारतिय संविधान' की जीत अवश्य पढीये !
!!भारतिय संविधान के शिल्पकार
विश्वरत्न डॉ.बाबासाहाब आबेडकर !!
देश स्वतंत्र होने के बाद भारत का संविधान कोन बनायेंगा
इसकी खोज शुरू हुयी !
गांधी व पंडीत नेहरू ब्रिटीशो के पास गये और ब्रिटीशो से
कहा हमे भारत का संविधान बनाना है !
ब्रिटीशो ने कहा हम आपके देश का संविधान कैसे बना
सकते है इस देश मे अनेक जातीया है अनेक धर्म है
यदि कोई भारत का संविधान बना सकता है तो तुम्हारे देश
मे एक ही हिरा है और वो हिरा है
डॉ. बी.आर.आंबेडकर !
इसलिये कांग्रेस व गांधी को मजबुरन
डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर को संविधान समिती पर लेना
पडा !
इस कार्य के लिये सात सदस्य की समिती गठीत कि गयी !
1. सदस्य बिमार पड गया !
2. सदस्य विदेश चला गया !
3. सदस्य अपने खाजगी काम मे व्यस्त रहा !
4. सदस्य राजनिती मे व्यस्त रहा !
5. सदस्य की मृत्यृ हो गयी !
6. सदस्य को बाबासाहाब का असपृश्य होना गवारा नही
था !
7. अंत मे डॉ.बाबासाहाब आंबेडकर ने 21-21 घंटे अभ्यास
करके भारतीय संविधान का मसौदा तैयार किया !
आगे संविधान सभा मे प्रश्न चर्चासत्र के लिये आया !
भारतीय संविधान की शुरवात कैसे की जाय !
1. मौलाना हजरत मोहली उठ खडे हुये और बोले
भारतीय संविधान की शुरवात
" अल्लाह" के नाम से की जाय !
२.पंडीत मदन मोहन मालविय खडे हुये और बोले
"ओम नमो शिवाय " के नाम से की जाय !
3. एच.पी.कामत उठ खडे हुये और बोले
" ईश्वर" के नाम से की जाय !
4. डॉ.बाबासाहाब आंबेडकर उठ खडे हुये और बोले
भारतीय संविधान की शुरवात
"लोगो" के नाम से की जाय !
इस मुद्दे पर संसद मे मतदान हुआ
"68 मत लोगो" के नाम के लिये मिले !
और "41 मत भगवान (देवताओ) के नाम के लिये मिले !
और संविधान की शुरवात
" We the people of India "
" हम भारत के लोग "
ऐसे शुरू हुयी !
भारत के पहीले ही मतदान मे "पत्थर" के "भगवान" हार गये
और मानव
( लोग) जित गये !
डॉ बाबासाहाब आंबेडकर जित गये
आगे बाबासाहाब को ये समझ आया की आगे चलकर इस देश
का नाम
"हिन्दुस्थान" करेंगे इसलिये बाबासाहाब ने भारतीय
संविधान की कलम
"395 मे "A" के अनुसार अनुवाद किया
" India that is the "BHARAT"
" INDIA"
याने "भारत" ऐसे पुष्टी कर दी